बनके जोक्कड मंच म
जिनगी भर तो नांचत हंव।
छिन भर मा रोवंव संगी
छिन भर मा हांसत हंव।
जिनगी के नइहे ठिकाना
आज हंव काली नही,
बने रहय मुसकान सबके
इही संदेशा बांटत हंव।
#आचार्यतोषण
जिनगी भर तो नांचत हंव।
छिन भर मा रोवंव संगी
छिन भर मा हांसत हंव।
जिनगी के नइहे ठिकाना
आज हंव काली नही,
बने रहय मुसकान सबके
इही संदेशा बांटत हंव।
#आचार्यतोषण
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें