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॥मानवता॥
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काहत हे समय आज के
झन रो सबला हंसाबे तै
मानवता हे धरम करम तोर
मानवता के गीत गाबे तै
फइले दुनिया म नफरत
नदी प्रेम के बोहाब तै
***************
दीन दुखिया के सेवा में
अपन करतब नाभाबे तै
दीन दुखिया मनखे के
जतन करे लाभ उठाबे तै
खंचवा पाट भेदभाव के
सबला गला लगाबे तै
पाप कपट ले मुंह ल फेरे
पुण्य के लाभ उठाबै तै
****************
हम सब भाई भाई सफ्फे
झन कोई ल ठुकराबे तै
बगिया सबे महके सबरदिन
बन प्यार फूल मुसकाबे तै
मन सबके खिलखिला उठै
भाईचारा मेलजोल बढाबे तै
*****************
असहाय के सहारा बन जा
आशीष भगवान के पाबे तै
मानवता हे सार जगत में
मानवता ही लेके जाबे तै।
****************
#आचार्य_तोषण
धनगांव डौंडीलोहारा
बालोद, छत्तीसगढ़
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काहत हे समय आज के
झन रो सबला हंसाबे तै
मानवता हे धरम करम तोर
मानवता के गीत गाबे तै
फइले दुनिया म नफरत
नदी प्रेम के बोहाब तै
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दीन दुखिया के सेवा में
अपन करतब नाभाबे तै
दीन दुखिया मनखे के
जतन करे लाभ उठाबे तै
खंचवा पाट भेदभाव के
सबला गला लगाबे तै
पाप कपट ले मुंह ल फेरे
पुण्य के लाभ उठाबै तै
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हम सब भाई भाई सफ्फे
झन कोई ल ठुकराबे तै
बगिया सबे महके सबरदिन
बन प्यार फूल मुसकाबे तै
मन सबके खिलखिला उठै
भाईचारा मेलजोल बढाबे तै
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असहाय के सहारा बन जा
आशीष भगवान के पाबे तै
मानवता हे सार जगत में
मानवता ही लेके जाबे तै।
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#आचार्य_तोषण
धनगांव डौंडीलोहारा
बालोद, छत्तीसगढ़
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