गुरुवार, 19 मई 2016

राम नाम

कलजुग समजुग आन नहिं जे नर कर बिसवास।
 गाइ राम गुन गन बिमल भव तरहिं बिनुहि प्रयास।
 #राम_राम #
जिनगी डोंगा पार करे राम सियापति के गाथा।
बालमिकी तुलसी जस संत जेला नंवाए माथा।।
 मरा कहिले या राम कहिले आहे प्रभु के नाम।
सुबे भजले मंझनिया भजले भजले तैहा शाम।।
लेके का आहस तेहा का लेके तैहा जाबे।
भुलाए रहिबे माया मा ते राम नाम ल गाबे।।
 राम के नाम सार जग बाकी सब बेकार हे।
मन एला बसाले हमर जिनगी के अधार हे।।
 रेटहा हावे जिनगी डोंगा राम हमर पतवार।
 भव सागर अगम दहरा राम लगाही ओ पार।।
राम नाम के खेती करले ए जिनगी बंजर हे।
 माया नचावय हमला मन नादय बन बंदर हे।।
मोर मोर झनकर मनवा दूदिन के जिनगानी हे।
हांस के गोठियाले भजले राम नाम के बानी हे।।
राम नाम मोर मुंहले निकले धन्य हे मोर भाग।
 सियाबर के परताप ले ए फुटहा करम गे जाग।।
 राम नाम के महिमा गजब लीला हे अपरम्पपार।
मे आरूग अढ़हा "तोषण" कहां पहूं राम के पार।।
#राम_राम_राम_राम_राम_राम_राम_राम_राम#

 #आचार्य #तोषण
#धनगांव_डौंडीलोहारा
 #बालोद_छत्तीसगढ़

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