गुरु की है महिमा बड़ी,
कथनी अपरम्पार।
करलो सेवा गुरु चरण,
मेवा का भण्डार।।
तोषण कुमार चुरेन्द्र
राम जपय शिवनाम को,शंकर हा श्री राम। राम नाम सब मन जपव,बनही बिगड़े काम। बनही बिगड़े काम,राम शिव संगी मितवा। करथे बेड़ा पार,बने जी सब...
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