शनिवार, 1 जुलाई 2017

सम्हल कर

चलना जरा सम्हल कर *तोषण*, रपट न जाना राह में,
लोग कहेंगे बारिश का मजा है ,या मयकदे का नशा है।।

तोषण कुमार चुरेन्द्र

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