मंगलवार, 4 जुलाई 2017

जयतु जय

*सुप्रभातम्*
एक प्रयास
*हाइकु*

जयतु जय
श्री गणेशाय नम:
सदा विजय---१

रामचंद्राय
रघुकुल तिलक
नमो नमाय---२

पवनसुत
रघुवीर सेवक
जय: मारुत---३

गंगाधराय
जगत संघारक
नम:शिवाय---४

कमला पति
जग पालनकर्ता
चरण रति---५

सृष्टि लेखक
जगत पिता ब्रह्मा
दिक सूचक---६

देवकी लाल
गीता उपदेशक
जय गोपाल---७

अपराजिता
महिष संघारिणी
विश्व वंदिता---८

माँ सरस्वती
ज्ञानदायिनी जय
संँवरे मति---९

शंकर प्रिया
हिमाचल तनया
वर अभया---१०

राम की सीता
हे! जनक दुलारी
रावण जीता---११

सती सावित्री
निर्जीव सत्यवान
बचाए प्राण---१२

कृष्ण दीवानी
कालकूट प्रसाद
मीरा सयानी---१३

नवधा भक्ति
आशीर्वाद राम का
शबरी मुक्ति---१४

मुष्ठि प्रहार
हो सत्संग का ज्ञान
लंकिनी पार---१५

*तोषण कुमार चुरेन्द्र*

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