रविवार, 2 जुलाई 2017

बेवफा प्यार का...

वार्णिक मुक्तक

*तुझको  ही  चाहा  मैनें, तुमसे  ही प्यार किया।*
*छोड़  सब   कुछ   सजनी   तुमपे   वार दिया।*
*यूँ  जाना  ही  था  जो मुझको छोडकर पगली,*
*बेवफा  प्यार  का  क्यूँ  मुझसे  इकरार किया।।*
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तोषण कुमार चुरेन्द्र

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