गुरुवार, 21 नवंबर 2019

नशा



  नशा 
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सुनो नशे की लत बुरी , गंदी आदत छोड़ ।
लुट जाता परिवार है , करलो इसका तोड़ ।। 
करलो इसका तोड़ , खाक में सब मिल जाता ।
मान रहे ना प्यार , नहीं जग कोई भाता ।।
सबकी लगती हाय , इसे मन में आज गुनो।
कहना सबकी मान,सदा हिय की बात सुनो ।।

तोषण कुमार चुरेन्द्र
धनगंइहा, डौंडी लोहारा
९६१७५८९६६७

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