शुक्रवार, 8 नवंबर 2019

सबके घर दीया बरे



तोषण के कुण्डलिनी

सबके घर दीया बरे,जगमग हे संसार।
कमलापति के संगिनी,देवय खुशी अपार।।
देवय खुशी अपार,साथ में झूमव नाचव ।
राग द्वेष सब टार,मया के गाना गावव।।
सुन तोषण के बात,गोठ हे जब्बर कबके।
राखव मीठ जबान,मिले हे ममता सबके।।

तोषण कुमार चुरेन्द्र
धनगंइहा,डौंडी लोहारा

९६१७५८९६६७

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