रविवार, 24 नवंबर 2019

मंहगाई

दिनांक:-24/11/19
विषय:-मंहगाई
विधा:-कुण्डलिनी

देख मंहगाई यहाँ,मचा रही है लूट।
हाय हाय जनता करे,सबके छक्के छूट।।
सबके छक्के छूट,रहे मन को मार यहाँ।
दुखी रहे इन्सान,कहे हैं अब जिये कहाँ।
कह तोषन कविराज,प्रभो मेरे  कन्हाई।
मचती हाहाकार,यहाँ देख मंहगाई।।

तोषण कुमार चुरेन्द्र
धनगंइहा, डौंडी लोहारा

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