शुक्रवार, 22 नवंबर 2019

शिक्षक

शिक्षक

शिक्षक

बनकर  शिक्षक  आज  जो , बाँट  रहे  है ज्ञान।
महिमा  इनकी  है  बड़ी , गाते  सन्त  सुजान ।।
गाते  सन्त  सुजान , दोष सब  दूर  हटाते ।
गुरुवर  है  भगवान ,  ब्रह्म  भी  शिव भी  गाते ।।
कह  तोषन  कविराज , वृक्ष  है सीधा  तनकर ।
धन्य  धन्य  यह  प्राण ,खड़े  है शिक्षक  बनकर।।

तोषण कुमार चुरेन्द्र
धनगंइहा, डौंडी लोहारा
तोषण कुमार चुरेन्द्र
धनगंइहा, डौंडी लोहारा

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

राम नाम

राम जपय शिवनाम को,शंकर हा श्री राम। राम नाम सब मन जपव,बनही बिगड़े काम। बनही बिगड़े काम,राम शिव संगी मितवा। करथे बेड़ा पार,बने जी सब...