गुरुवार, 21 नवंबर 2019

मोबाइल

मोबाइल

मोबाइल जो हाथ में ,आते खूब विचार।
फँसते अंतरजाल जो,मिले अलग संसार।।
मिले अलग संसार, भरे है सार खजाना।
सदुपयोग लो जान,दिशा है देती नाना।
कह तोषन कविराज,चेहरे आती स्माइल।
छोट बड़े मत जान,हाथ में है मोबाइल।।

तोषण कुमार चुरेन्द्र
धनगंइहा, डौंडी लोहारा

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