बुधवार, 20 नवंबर 2019

सूरज बाँटे रौशनी

सुधारोपरांत

सूरज बाँटे रौशनी , जगमग है संसार।
चलना जिसका काम है , करे सदा उपकार।।
करे सदा उपकार , वही है खुशियाँ  पाता।
मिलकर रहना सार , यही है निर्मल नाता।।
बढ़ते रहना राह , फूल हो चाहे काँटे।
प्रेम दया सद्भाव , नित्य ही खुशियाँ बाँटे।।

तोषण कुमार चुरेन्द्र
धनगंइहा, डौंडी लोहारा

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