गुरुवार, 19 मई 2016

समाज

॥समाज॥

भारत मां के बसे कोरा मा सुघ्घर मोर छत्तीसगढ़।
वीरनारायण जइसे बेटा त्यागिस प्राण महतारी बर ।
 छत्तीसगढ़ नित याद करही गैंदसिह नायक के कुर्बानी
गाही गाथा समाज हलबा सुनही जेला नारी परानी।
 सर्व समाज छत्तीसगढ़ के छत्तीसगढ़ही अपनावंव
महतारी के बोली भाखा सब जन जन मा बगरावव।
 बड़े डोंगर दंतासिरी करा हलबा हलबी जुरियायेन।
दिवस शक्ति मनाबो कहिके सुघ्घर गोठ गोठियायेन।
 माता शक्ति आशीष दे सबके मन हरसाईस ।
 जुरमिल के हलबा समाज जोर जयकारा लगाईस।
गांव समाज देश हित बर सुम्मत के कदम उठावव।
समाज के महिमा गजब सबला तुम समझावव।
 पढव लिखव गुणी बनव करव नित सब नेक काम।
दाई ददा संग ऊंचा करव देश गांव समाज के नाम।
जुरमिल रांहन हम सब हमला समाज सिखाथे।
का छोटे अउ का बड़े एकता के पाठ पढाथे।
 समाज हरे तीरथ धाम माता गंगा जेला कहिथे।
 ब्रह्मा बिसनु शंकर देव के जिहा सदा आशीष रहिथे।
बेटी बेटा बरोबर मानव पढावव लिखावव सबला।
बेटी ल हुशियार बनावव झन रहय कोन्हो अबला।
 बेटा ल जादा बेटी हर आगू ले आगू आवत हे।
 दाई ददा स गांव समाज देश म नांव कमावत हे।
में आचार्य तोषण चुरगंइय्या चुरगंइय्या बेटा जोहर लाल के
 सदा टिकली बन चमकत रहूं छत्तीसगढ़ महतारी के भाल के।
-आचार्य तोषण
 युवा प्रकोष्ठ सदस्य
अखिल भारतीय आदिवासी हलबा समाज
 सर्किल धनगांव डौंडीलोहारा,
 बालोद छत्तीसगढ़ मोबाइल:९६१७५८९६६७

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