पानी के फूटगे धार
बोहावय नदिया अपार
बोहावय नदिया अपार
डबडब होगे खेत खार
टूटत हावे मेंड पार
अलकर हावे समय जान
कइसे होही एसो धान
सुमरत हाबों माथ तान
झन दे पानी ते भगवान
आचार्य तोषण
टूटत हावे मेंड पार
अलकर हावे समय जान
कइसे होही एसो धान
सुमरत हाबों माथ तान
झन दे पानी ते भगवान
आचार्य तोषण
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