आजबे आजबे मइय्या हमरो दुवरिया हो
दरश करेके लागे साध हो माया मोर...
सुरहिन गइय्याके गोबर मंगाए हो
खूंट धरे अंगना लिपाय हो माया मोर...
दरश करेके लागे साध हो माया मोर...
सुरहिन गइय्याके गोबर मंगाए हो
खूंट धरे अंगना लिपाय हो माया मोर...
अगरी चंऊर के बगरी पिसान हो
सुघ्घर चंऊक पुराय हो माया मोर...
सोनेन सोनकर करसा मढाए हो
सरधा के बातीन जलाए हो माया मोर...
लीम के डारा के मंइय्या मडवा छवाय हो
शीतल छंइहा बगराय हो माया मोर...
चंदन काठ के मंइय्या पिडहा मंढाए हो
आके आसन लेहू पाए हो माया मोर...
भगत खडेहे मंइया तोर अगोरा म हो
आरतीन दीयना सजाएके हो माया मोर...
सब नर नार के मंइय्या भाग जगाए हो
आसन लियो दाई पाए हो माया मोर...
आगे आगे हो मंइय्या हमरो दुवरिया हो
तन मन दिए हरसाए हो माया मोर...
बालक तोषण मंइया अरजी करतहे हो
मया के आशीष बरसादे हो माया मोर...
आचार्य तोषण
सुघ्घर चंऊक पुराय हो माया मोर...
सोनेन सोनकर करसा मढाए हो
सरधा के बातीन जलाए हो माया मोर...
लीम के डारा के मंइय्या मडवा छवाय हो
शीतल छंइहा बगराय हो माया मोर...
चंदन काठ के मंइय्या पिडहा मंढाए हो
आके आसन लेहू पाए हो माया मोर...
भगत खडेहे मंइया तोर अगोरा म हो
आरतीन दीयना सजाएके हो माया मोर...
सब नर नार के मंइय्या भाग जगाए हो
आसन लियो दाई पाए हो माया मोर...
आगे आगे हो मंइय्या हमरो दुवरिया हो
तन मन दिए हरसाए हो माया मोर...
बालक तोषण मंइया अरजी करतहे हो
मया के आशीष बरसादे हो माया मोर...
आचार्य तोषण

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