गुरुवार, 6 अक्टूबर 2016

हे गणराज...


हे गणराज तोर आरती गाऊँ
आरती गाऊँ देवा तुमला मनाऊँ
हे गणराज....
सरधा के के थारी भगति के बांती
जगमग जगमग जले दिन राती
असरु सुमन प्रभु तुमला चढ़ाऊँ
हे गणराज....
दीन दुखियन के लाज बचइय्या
बाधा बिघन के दूर करइय्या
तन मन मनधन सब तोला लुटाऊँ
हे गणराज...
ज्ञान भक्ति बल बुद्धि देवइय्या
संतन के प्रभु मान रखइय्या
तोर चरनन में बलि बलि जाऊँ
हे गणराज....
गीत :-आचार्य तोषण
धनगाँव डौंडी लोहारा
बालोद छत्तीसगढ़

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

राम नाम

राम जपय शिवनाम को,शंकर हा श्री राम। राम नाम सब मन जपव,बनही बिगड़े काम। बनही बिगड़े काम,राम शिव संगी मितवा। करथे बेड़ा पार,बने जी सब...