करिया मोहन ...
बंसुरी बजइय्या माखन चोरइय्या
करिया मोहन नांग नथइय्या
मधुबन म तै किंजर किंजर के
सुरहिन गइय्या चरइय्या
बंसुरी बजइय्या माखन चोरइय्या
करिया मोहन नांग नथइय्या
बाला पन म लीला देखाए
पुतना रानी के बुता बनाए
बामन रूप बचन तै देके
पुतना ल मुक्ति देवइय्या
बंसुरी बजइय्या माखन चोरइय्या
करिया मोहन नांग नथइय्या
भुइंया के माटी गोंटी ल खाए
दसोदा ल मुंह म दुनिया देखाए
सरी दुनिया हे तोर मुट्ठी म
भव ले पार लगइय्या
बंसुरी बजइय्या माखन चोरइय्या
करिया मोहन नांग नथइय्या
बिंदाबन म रास रचाए
शंखर भोला ल नांच नचाए
संग म दूनों झुमर के नांचे
जग के नांच नंचइय्या
बंसुरी बजइय्या माखन चोरइय्या
करिया मोहन नांग नथइय्या
गोबरधन ल तैह उठाए
गिरधर कान्हा तैह कहाए
गोकुलवासी के मन ल भाए
सबके प्रान बचइय्या
बंसुरी बजइय्या माखन चोरइय्या
करिया मोहन नांग नथइय्या
धरम करम के पाठे पढाए
मइय्या दसोदा के मान बढाए
कुरुक्षेत्र के समरभूमि म
अर्जुन ल गीता सुनइय्या
बंसुरी बजइय्या माखन चोरइय्या
करिया मोहन नांग नथइय्या
हावे कहनी तोर अगम अपार
हम अढ़हा कहां पाबो तोर पार
हाथ लमाके मांथ नंवाके
"तोषण'' परत हावे पंइय्या
बंसुरी बजइय्या माखन चोरइय्या
करिया मोहन नांग नथइय्या
रचना :-आचार्य तोषण
धनगांव डौंडीलोहारा बालोद
छत्तीसगढ़ ९६१७५८६६७
धनगांव डौंडीलोहारा बालोद
छत्तीसगढ़ ९६१७५८६६७

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