गुरुवार, 6 अक्टूबर 2016

मेरी जिंदगी बड़ी उदास है

मेरी जिंदगी बड़ी उदास है
हूँ दरिया फिर भी प्यास है

कसक है मुझे तु साथ नहीं
लगता है लेकिन तु पास है

देखता हर गुल को बगानो में
मेरे लिए बस गुलाब खास है

बावरा मन झुमे तेरे खातिर
जैसे कान्हा करता रास है

हल्की सी होती आहट कहीं
तेरे होने का होता एहसास है

लौट आओ तुम ओ साजन
बन बैठा " तोषण "अब दास है

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