$खरखरा नहर बोहवय देखव संगी मोर गांव$
$लगर लगर नहावय मनखे एक जगा एक छांव$
$नहर तीर बिराजे शंखर मंदिर महाजन बबा के$
$मन भरके सब आशीष पाथे औघडिया के ठांव$
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$इसकूल पारा गौठान बिराजे नंदी सोभा बढावत$
$पांव पलेगी मनावय कतको शरणे आवत जावत$
$बापूजी के बने इसतंभ पंचइत बढावत शान जिंहा$
$अटल जी चौंक सुघ्घर पीपरी तरी सोभा पावत$
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आचार्य तोषण ,धनगांव डौंडीलोहारा बालोद
छत्तीसगढ़ ४९१७७१,mo,९६१७५८९६६७

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