ए पांच ठन दोहा लिखे के नानकून परयास
भइया रमेस चौहान के चरन कमल म सादर समरपित
गलती मिलही त सुधरातमक सुझाव सुझाहु
भइया रमेस चौहान के चरन कमल म सादर समरपित
गलती मिलही त सुधरातमक सुझाव सुझाहु
"दोहा के रंग"
ए दोहा के रंग ला ,रसा बना के लील।
ए भइया के मान हे ,करहु सदा सनमान।।२॥
रसदा हमला देत हे, बांटत हे जी ज्ञान ।
छत्तीसगढ़ी मंच मा, पावत हन गा मान।।३॥
गला लगाइस आज गा, समगे जी में जान।
बड़भागी हे जीवरा ,सबले ससता मान।।४॥
ललना जोहर लाल के, तोषण परथे पांव।
पढ़े पढ़ाय सकूल मा ,हरे गांव धनगांव।।५॥
© ®
तोषण कुमार चुरेन्द्र
भइया रमेस हे लिखे, बनही पथरा मील।।१॥
पढले दोहा के नियम ,मन धर ले गा ध्यान।ए भइया के मान हे ,करहु सदा सनमान।।२॥
रसदा हमला देत हे, बांटत हे जी ज्ञान ।
छत्तीसगढ़ी मंच मा, पावत हन गा मान।।३॥
गला लगाइस आज गा, समगे जी में जान।
बड़भागी हे जीवरा ,सबले ससता मान।।४॥
ललना जोहर लाल के, तोषण परथे पांव।
पढ़े पढ़ाय सकूल मा ,हरे गांव धनगांव।।५॥
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तोषण कुमार चुरेन्द्र

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