रविवार, 18 दिसंबर 2016

मोर छत्तीसगढ़ के माटी

छत्तीसगढ़ महातारी ल समरपित
गीत
शीर्षक :"मोर छत्तीसगढ़ के माटी"
मोर छत्तीसगढ़ के माटी
तोला मांथ लगावंव चंदन २
मांथ लगावंव चंदन तोला २
मोर छत्तीसगढ़ ....

तोर कोरा म जनम अउ
तोरा कोरा म बाढ़ेंव २
सूरुज जोत म करंव आरती
दणडासरन पखारेंव २
फूलपतिया धर पंइया परके २
तोला करथंव बंदन
मोर छत्तीसगढ़ के माटी
तोला मांथ लगावंव चंदन........१
महानदी अउ अरपा पइरी
कोरा तोर हरियावय २
नंदिया नरवा डोंगरी पहाड़ी
हरिहर अछरा भावय २
चिरई चिरगुन सुआ पंड़की २
करथे कोयली कुंजन
मोर छत्तीसगढ़ के माटी
तोला मांथ लगावंव चंदन......२
रीसि मुनि अउ देव धामी के
सरधा भरे देवालय २
तोर चरन मोर तीरथ बरोबर
मया पीरा के आलय २
कन कन म इंहा राम बसे हे
धूर्रा माटी हे कंचन
मोर छत्तीसगढ़ के माटी
तोला मांथ लगावंव चंदन......३
छत्तीसगढ़ही गुरतुर बोली
सबके मन ल भावय २
राऊत नाचा करमा पंथी
सुआ ददरिया गावय २
किसम किसम के फुलवा फुले हे
जइसे लगे बन नंदन
मोर छत्तीसगढ़ के माटी
तोला मांथ लगावंव चंदन
© ®
आचार्य तोषण कुमार चुरेन्द्र
धनगांव डौंडीलोहारा बालोद
छत्तीसगढ़ ४९१७७१
चलितभाष ९६१७५८९६६७
दिनांक ९/१२/२०१६

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