रविवार, 18 दिसंबर 2016

सुप्रभातम् सूरज

सुप्रभातम्
सूरज भास्कर नाम तुम्हारे
सदा करते हित का काम..
हो तुम सबकी प्रेरणा पुंज
तुमको मेरा कोटि प्रणाम...

अलसुबह होता है दीदार तेरा
कली खिल जाती तेरे आने से..
यूं ही हमेशा मुस्कुराते रहना
जगता जहान तेरे मुस्कुराने से...
है दमकता गुलशन गुलशन
आलोकित होता जहान है..
अवनि है तुझसे ही शोभित
तुझसे ही आसमान है...
सबको मेरा सुप्रभातम् है
पूर्ण हो सबकी कामना ..
पथ निरतंर चलते रहना
रूकने का हो नाम ना...
© ®
आचार्य तोषण कुमार चुरेन्द्र
धनगांव डौंडीलोहारा बालोद

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

राम नाम

राम जपय शिवनाम को,शंकर हा श्री राम। राम नाम सब मन जपव,बनही बिगड़े काम। बनही बिगड़े काम,राम शिव संगी मितवा। करथे बेड़ा पार,बने जी सब...