आज काल के दिन म अइसने चलत हे
तेला चार लैन म तुंहर आगू समरपित
जाथों ददा सन टूरी खोजे गांव ले ओ गांव
तेला चार लैन म तुंहर आगू समरपित
जाथों ददा सन टूरी खोजे गांव ले ओ गांव
होथे सांझ मोर ददा जमा देथे एक पांव
टुरी खोजय म गोड हाथ पिरागे कथे ग
एक पाव पीये बिन घर म नंइ जांव
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आचार्य तोषण कुमार चुरेन्द्र
टुरी खोजय म गोड हाथ पिरागे कथे ग
एक पाव पीये बिन घर म नंइ जांव
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आचार्य तोषण कुमार चुरेन्द्र
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