वाह रे ! सिस्टम बफे
खाय बर सकलाय सफे
मोहाटी म लिखाय बैल-कम
झोंकाय जिंहा कम-कम
देखंव मेहा एती-ओती
चकबिक चकबिक चारो-कोती
साहब सोदर बड़े-बड़े
खवइल देखंव खड़े-खड़े
पहुँचके खाएंव धोसा
वहुल देख परिस मोसा
काजू कतरी गरम मुगोडी
सोंहारी भजिया संग कचोडी
साग रमकलिया गोभी-फूल
अइसक्रीम घलक कूल-कूल
तीर म राहय ठेला गुप-चुप
तहुल झेलेंव महूं चुप-चुप
डीजे गाना बजावत राहय
टुरी टुरा ल नंचावत राहय
गेंव महूं मंच आगू मा
नाचेंव पान वाला बाबू मा
डीजे कथे झन जान खा
जाके ठेला म पान खा
मीठा मसाला पान खाएंव
संइकिल धरके घरे आएंव
© ®
आचार्य तोषण कुमार चुरेन्द्र
खाय बर सकलाय सफे
मोहाटी म लिखाय बैल-कम
झोंकाय जिंहा कम-कम
देखंव मेहा एती-ओती
चकबिक चकबिक चारो-कोती
साहब सोदर बड़े-बड़े
खवइल देखंव खड़े-खड़े
पहुँचके खाएंव धोसा
वहुल देख परिस मोसा
काजू कतरी गरम मुगोडी
सोंहारी भजिया संग कचोडी
साग रमकलिया गोभी-फूल
अइसक्रीम घलक कूल-कूल
तीर म राहय ठेला गुप-चुप
तहुल झेलेंव महूं चुप-चुप
डीजे गाना बजावत राहय
टुरी टुरा ल नंचावत राहय
गेंव महूं मंच आगू मा
नाचेंव पान वाला बाबू मा
डीजे कथे झन जान खा
जाके ठेला म पान खा
मीठा मसाला पान खाएंव
संइकिल धरके घरे आएंव
© ®
आचार्य तोषण कुमार चुरेन्द्र
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