रविवार, 18 दिसंबर 2016

वाह रे ! सिस्टम बफे


वाह रे ! सिस्टम बफे
खाय बर सकलाय सफे
मोहाटी म लिखाय बैल-कम
झोंकाय जिंहा कम-कम
देखंव मेहा एती-ओती
चकबिक चकबिक चारो-कोती
साहब सोदर बड़े-बड़े
खवइल देखंव खड़े-खड़े
पहुँचके खाएंव धोसा
वहुल देख परिस मोसा
काजू कतरी गरम मुगोडी
सोंहारी भजिया संग कचोडी
साग रमकलिया गोभी-फूल
अइसक्रीम घलक कूल-कूल
तीर म राहय ठेला गुप-चुप
तहुल झेलेंव महूं चुप-चुप
डीजे गाना बजावत राहय
टुरी टुरा ल नंचावत राहय
गेंव महूं मंच आगू मा
नाचेंव पान वाला बाबू मा
डीजे कथे झन जान खा
जाके ठेला म पान खा
मीठा मसाला पान खाएंव
संइकिल धरके घरे आएंव
© ®
आचार्य तोषण कुमार चुरेन्द्र

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

राम नाम

राम जपय शिवनाम को,शंकर हा श्री राम। राम नाम सब मन जपव,बनही बिगड़े काम। बनही बिगड़े काम,राम शिव संगी मितवा। करथे बेड़ा पार,बने जी सब...