तेरी ये दोनों आंखें
मेरे लिए चांद और तारे है
देखता हूं तेरी बदौलत यहाँ
जो कुदरत के नजारे हैं
मेरे लिए चांद और तारे है
देखता हूं तेरी बदौलत यहाँ
जो कुदरत के नजारे हैं
आचार्य तोषण कुमार चुरेन्द्र
तेरी ये दोनों आंखें
मेरे लिए चांद और तारे है
देखता हूं तेरी बदौलत यहाँ
जो कुदरत के नजारे हैं
तेरी ये दोनों आंखें
मेरे लिए चांद और तारे है
देखता हूं तेरी बदौलत यहाँ
जो कुदरत के नजारे हैं
आचार्य तोषण कुमार चुरेन्द्र
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