हुनर मेरी किसी को अच्छी नही लगती
जवानी कलम की बच्ची नही लगती
आजमा कर देख लो जमाने वालों मुझे
उम्र कलम की कभी कच्ची नही लगती
जवानी कलम की बच्ची नही लगती
आजमा कर देख लो जमाने वालों मुझे
उम्र कलम की कभी कच्ची नही लगती
पहुँचना चाहता हूँ हर नुक्कड़ ओ गली
पर लायक मेरे कोई बस्ती नहीं लगती
झूठ ही झूठ देखें हमनें इस मयखाने में
हर किसी की बात सच्ची नहीं लगती
दुध से जले है दही की चाहत मे 'तोषण'
हर दुध से बनी चीज लस्सी नही लगती
आचार्य तोषण ,धनगांव (डौंडीलोहारा)
पर लायक मेरे कोई बस्ती नहीं लगती
झूठ ही झूठ देखें हमनें इस मयखाने में
हर किसी की बात सच्ची नहीं लगती
दुध से जले है दही की चाहत मे 'तोषण'
हर दुध से बनी चीज लस्सी नही लगती
आचार्य तोषण ,धनगांव (डौंडीलोहारा)

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