डमरु बजइय्या शिव शम्भु सुम्हरत हंव तोला
अवघड दानी तोला कहिथे दान दे दे मोला
सावन महिना चले कंवरिया बोल बम्ब के नारा
तोर मुड़ी ले निकले भोला मात गंग के धारा
अवघड दानी तोला कहिथे दान दे दे मोला
सावन महिना चले कंवरिया बोल बम्ब के नारा
तोर मुड़ी ले निकले भोला मात गंग के धारा
धथुरा फर धथुरा के फूल चढावय बेल पतिया
ध्यान लगावय तोला मनावय माता परबतिया
तिरशूल डमरु हांथ बिराजे गले सांप के माला
मांथ मा सोहे दूज के चंदा पहिरे बाघंम्बर छाला
नंदिया बइला तोर सवारी रहिथस तेह शमसान
सब बइरागी कहिथे तोला बइठके लगाए ध्यान
सत्य हे शिव शिव हे सुंदर बेद पुरान ह बताथे
हर हर बम्ब ओम नम: शिवाय धुनी रमाके गाथे
जेन हर आथे मन भर पाथे अवघडिया तोर तीर
बनके याचक काहत हावय "तोषण" खड़े अधीर
@×@हर हर महादेव की जय @×@
आचार्य तोषण
ध्यान लगावय तोला मनावय माता परबतिया
तिरशूल डमरु हांथ बिराजे गले सांप के माला
मांथ मा सोहे दूज के चंदा पहिरे बाघंम्बर छाला
नंदिया बइला तोर सवारी रहिथस तेह शमसान
सब बइरागी कहिथे तोला बइठके लगाए ध्यान
सत्य हे शिव शिव हे सुंदर बेद पुरान ह बताथे
हर हर बम्ब ओम नम: शिवाय धुनी रमाके गाथे
जेन हर आथे मन भर पाथे अवघडिया तोर तीर
बनके याचक काहत हावय "तोषण" खड़े अधीर
@×@हर हर महादेव की जय @×@
आचार्य तोषण

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें