जब थी तू साथ मेरे मेरी दुनिया बड़ी अमीर थी
दिल में तेरी मोहब्बत और वफाई मेरी जमीर थी
तेरी याद तू क्यों आती है अक्सर मुझको रातों में
क्यों आया मुझे यकीन बेवफाई भरी तेरी बातों में
दिल में तेरी मोहब्बत और वफाई मेरी जमीर थी
तेरी याद तू क्यों आती है अक्सर मुझको रातों में
क्यों आया मुझे यकीन बेवफाई भरी तेरी बातों में
गुमनाम हो गई तू कहां काले बादलों में छुपकर
बावरा मन तन्हा रोने लगा तेरी यादों मे डुबकर
अजीब वो आलाम था बन दुल्हन तू जब चली
हाथ थामे किसी गैर का छोड़ दी"तोषण"की गली
बावरा मन तन्हा रोने लगा तेरी यादों मे डुबकर
अजीब वो आलाम था बन दुल्हन तू जब चली
हाथ थामे किसी गैर का छोड़ दी"तोषण"की गली

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें