*जाहूँ पढ़ेबर इसकूल*
🎒🎒🎒🎒🎒🎒🎒
मोरो झोला सँवार दे दाई,
काली जाहूँ पढ़ेबर इसकूल.
गरमी छुट्टी मा मजा उड़ाएन,
खाएन बड़ कुल्फी कूल कूल..
📕✏📕✏📕✏📕
काफी पेन्सिल ददा लिही मोर,
लेवाहूँ नवा हीरो सँइकिल.
मारत पइडिल अब्बड़ कुदाहूँ,
संगवारी मन संग मिल मिल..
🚴♀🚴♀🚴♀🚴♀🚴♀🚴♀🚴♀
मंझनिया मिलथे तात दार भात,
अउ चुरथे आनी बानी के साग.
ओकला ओकला खाथन हम मन,
बड़ सँहराथन सहीं अपनेच भाग.
🥗🍚🍧🍵🍛🥗🥗
कलम खरगोस गमला घड़ी,
पढ़हू बढ़िहा मन ला लगाके.
सबला रिझाहूँ अपन कला ले,
सुग्घर सुग्घर नवा गीत सुनाके..
🎤🎤🎤🎤🎤🎤🎤
मेहनत करहूँ पऊर ले जादा,
अउव्वल दरजा मा आहूँ मैं.
नाम तुँहर उजागर तब होही,
सबके मया दुलार पाहूँ मैं..
🏆🏆🏆🏆🏆🏆🏆
*तोषण कुमार चुरेन्द्र*
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गुरुवार, 15 जून 2017
जाहूँ पढ़ेबर इसकूल
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