शनिवार, 3 जून 2017

दाई

*माँ के मया अपार हे,बाँटे मया दुलार।*
*तीरथ जेकर गोड़ मा,विनय करे संसार।।*

*दाई जग मा तोर बिन, सुन्ना घर संसार।*
*कहिबो दाई कोन ला, मिलही कहाँ दुलार।।*

*तोषण कुमार चुरेन्द्र*

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

राम नाम

राम जपय शिवनाम को,शंकर हा श्री राम। राम नाम सब मन जपव,बनही बिगड़े काम। बनही बिगड़े काम,राम शिव संगी मितवा। करथे बेड़ा पार,बने जी सब...