एक प्रयास तिथियों पर
हाइकु
करे सिंगार
चाँद पुरनमासी
देखता रहूँ।
चैत्र महिना
है हिन्दु नववर्ष
एकम तिथि।
दुज का चाँद
शंभू भाल शोभित
मनभावन।
माता पार्वती
पूजती महादेव
तीज परब।
करवा चौथ
पत्नि की आराधना
पति दीर्घायु।
रीषि पंचमी
देव धनवंतरि
होती है पूजा।
खमरछठ
अरदास माता की
बच्चे सुखी।
आई सप्तमी
काली की कालरात्रि
बैरी विनाश।
कृष्ण अष्टमी
मगन वृंदावन
जग पावन।
राम नवमी
आनंदित संसार
खुशियाँ मिलें।
विजय पर्व
दशमी दशहरा
पाप का नाश।
अरजी पुरी
भीम एकादशी में
सब हैं सुखी।
विष्णु की भक्ति
है अखण्ड द्वादशी
पूरन काम।
यम की पूजा
दीपक है तेरह
धन तेरस।
हो जयकार
अनंत चतुर्दशी
विदा गणेश।
दीपक जले
अमावस की रात
लक्ष्मी पूजन।
तोषण कुमार चुरेन्द्र
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