बुधवार, 28 जून 2017

बेटा किसान

बेटा किसान।
भाग के जगइय्या।
हावै महान।

करे तैयारी।
निहारत बदरा।
खेती हे पारी।

कुकरा बासे।
उठना गा भइय्या।
बेरा उगासे।

होत बिहान।
हे बइला नाँगर।
चले किसान।

चटनी बासी।
होवत मंझनिया।
मिटे थकासी।

कथे सियान।
तन मन बलवान।
जय किसान।

तोषण कुमार चुरेन्द्र

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