रविवार, 4 जून 2017

अरुणोदय

अरुणोदय
है राह नई सोंच
है भाग्योदय।।

उषा सलोनी
माँग भरे धरती
मन हरनी।

सूर्य किरण
आलोकित जीवन
बहे पवन।
तोषण कुमार चुरेन्द्र

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

राम नाम

राम जपय शिवनाम को,शंकर हा श्री राम। राम नाम सब मन जपव,बनही बिगड़े काम। बनही बिगड़े काम,राम शिव संगी मितवा। करथे बेड़ा पार,बने जी सब...