शुक्रवार, 16 जून 2017

मतला

*दुआएँ आपकी आबाद करती हमें*
*भुला ना पायेंगे जब तक जिन्दगी हैंं....*
*तोषण कुमार चुरेन्द्र*

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

राम नाम

राम जपय शिवनाम को,शंकर हा श्री राम। राम नाम सब मन जपव,बनही बिगड़े काम। बनही बिगड़े काम,राम शिव संगी मितवा। करथे बेड़ा पार,बने जी सब...