*१*
*माँ के मया अपार हे,बाँटे मया दुलार।*
*तीरथ जेकर गोड़ मा,विनय करे संसार।।*
*२*
*दाई जग मा तोर बिन, सुन्ना घर संसार।*
*कहिबो दाई कोन ला, मिलही कहाँ दुलार।।*
३.
*बन अनाथ बन बन फिरँव ,कोनों नइ आवै पास।*
*दाई बिन जिनगी घलो , रहिथे गजब. उदास।।*
*तोषण कुमार चुरेन्द्र*
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