रविवार, 4 जून 2017

नवग्रह

हाइकु मऩ्जुषा
अंक-४६
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१.
पृथ्वी बचाओ
हो मन संकल्पित
पेड़ लगाओ।
२.
चमका व्याेम
पुरनमास जब
खिलता सोम।
३.
मंगल आता
हनुमत की पूजा
कष्ट मिटाता
४.
बुध की सिद्धि
जपले गजानन
मिलती रिद्धि।
५.
जग कल्याण
गुरुजी वृहस्पति
बाँटता ग्यान।
६.
शुक्र की छाया
संरचना सृष्टि की
मिलती माया।
७.
शनि की मार
भटकता जीवन
दु:खी संसार।
८.
राहू की चाल
असंयमित जीव
रहे बेहाल।
९.
बढ़ता केतु
लालच की गठरी
दु:ख की सेतु
१०.
नव अरुण
मिलता नवजीवन
झुमे वरुण
११.
गृह प्रवेश
नवग्रह पूजन
मिटे कलेश।
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तोषण कुमार चुरेन्द्र

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