देख दुनिया के चेहरे को तेवर बदल गये
आईना के आगे आते ही सभी सम्हल गये
बचपन से बुढ़ापे तक का ऐसा सफर यारो
झुर्रियां आई चेहरे पर सर के बाल पक गये
गुमान था जिस चेहरे पर जवानी मे हमको
आज वही चेहरा अपना देखो पिचक गये
लगाए कभी मलमल जिस पर पावडर क्रीम
आई बुढ़ापा लाठी टेक जवानी यूंही ढल गये
आए हम दुनिया में न रहा खुशी का ठिकाना
सेवा जतन करने से पहले अपने बदल गये
#आचार्य_तोषण
रविवार, 12 जून 2016
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