मंगलवार, 21 जून 2016

गैरो से ही

गैरो से ही मिलता रहा प्यार हमें "तोषण"
अपने ही घोंपते रहे छूरा पीठ पीछे

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

राम नाम

राम जपय शिवनाम को,शंकर हा श्री राम। राम नाम सब मन जपव,बनही बिगड़े काम। बनही बिगड़े काम,राम शिव संगी मितवा। करथे बेड़ा पार,बने जी सब...