बीतगे चलव गरमी के छुट्टी
पढई के दिन अब आवत हे
जम्मो दीदी भइय्या बहिनी
इसकूल डहर जुरियात हे
घुमेन फिरेन बढिहा छुट्टी मा
आजा बबा अउ आजी घर
दाई ददा संग भइय्या भउजी
जुरियाईन सबझन सादी बर
पहाड़ा पट्टी कलम अउ झोरा
जाएबर इसकूल सोरियात हे
जम्मो दीदी भइय्या बहिनी
इसकूल डहर जुरियात हे
अ के अनार आमा के आ
इमली के इ अउ ईख के ई
पढ़य लिखय बड़ मजा लेके
उल्लु ऊन संग ऋषि ऋषि
एडी ऐनक ओखली औरत
अं अउ अ: पढ़ात हे
जम्मो दीदी भइय्या बहिनी
इसकूल डहर जुरियात हे
क ले कलम ख ले खरगोश
गमला के ग अउ घ ले घड़ी
च ले चरखा छ ले छतरी
ज ले जहाज झ के झड़ी
टमाटर के ट ठ के ठंडी
डमरू ढक्कन ल बजात हे
जम्मो दीदी भइय्या बहिनी
इसकूल डहर जुरियात हे
त ले तलवार थन के थ
दवात धनुष नल के न
प ले पतंग बकरी के ब
भ ले भगत मछरी के म
यश रस्सी अउ लड़का के ल
वक के व श ले शलजम खात हे
जम्मो दीदी भइय्या बहिनी
इसकूल डहर जुरियात हे
ष के षटकोण स ले सरोता
हलवई के ह संग क्ष ले क्षत्री
त्रिशूल के त्र ज्ञानी के ज्ञ
ननपन ले बताए हे जनयित्री
पेनसिल ले पेन धराए सबला
सबला ज्ञान बगरात हे
जम्मो दीदी भइय्या बहिनी
इसकूल डहर जुरियात हे
#आचार्य_तोषण


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