शनिवार, 25 जून 2016

मया पीरीत के गोठ



करिया रहे चाहे गोरिया,हावय दिल के रानी ।
कोयली सही झरथे मुंह ले,सुघर गुरतुर बानी।।
सकल सूरत मा का राखे हे,बोली रहे गा सुघ्घर।
मया पीरीत भरे रहय,सदा रहय मन सुघ उज्जर।।
मया नइ देखय नता गोता,पीरीत अपन निभाय।
मया पीरीत के छंइहा मा, सुघर जिनगी बिताय ।।
जगा बनाले सबके दिल,करे सुरता तोर सबझन।
मया पीरीत के बात गुने, हरसय सबो के तनमन।
मया बढ़ाले मया कमाले,जिनगी हवय दिन चार।
कहत तोषण सुनले संगी,मन छावय खुशी अपार।।
‪#‎आचार्य_तोषण‬

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