सबको प्यार भरा नमस्कार साथियों
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मलाल रहेगा हमेशा हमें उस पल का "तोषण"
गुजारे जो पल थे साथ मिलकर हमनें
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न तुमने कुछ कहा न कहा कुछ कभी हमने
धडकने इतनी बढ़ी कि पा रही थीं न थमने
लडखडा रही थी जुबां कुछ गलत न हो जाए
लगे एक दुजे पे लब मानो बर्फ जैसे जमने ।।
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फूलों से हर कोई करना चाहते हैं दोस्ती
क्या "तोषण" के हाथ कांटों से बंधे है ?
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तुम अगर सच्चे हो तो झूठा मैं भी नहीं "तोषण"
चलता है सिक्का अपना भी बाजार के इक कोने में
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मलाल रहेगा हमेशा हमें उस पल का "तोषण"
गुजारे जो पल थे साथ मिलकर हमनें
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न तुमने कुछ कहा न कहा कुछ कभी हमने
धडकने इतनी बढ़ी कि पा रही थीं न थमने
लडखडा रही थी जुबां कुछ गलत न हो जाए
लगे एक दुजे पे लब मानो बर्फ जैसे जमने ।।
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फूलों से हर कोई करना चाहते हैं दोस्ती
क्या "तोषण" के हाथ कांटों से बंधे है ?
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तुम अगर सच्चे हो तो झूठा मैं भी नहीं "तोषण"
चलता है सिक्का अपना भी बाजार के इक कोने में

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