गुरुवार, 2 जून 2016

बेवफाई...


कोयली मोर मयारू रानी
नजर सुरतिया तोर आथे
सुधराई म मन बइहा मोर
तोर डहर झींके चले जाथे।
काबर सरेखस नही तै मोला
अतिक पराया तोला लगथौं
मनभंवरा तोला गुनत रहिथे
घेरी बेरी गजब मया रोवाथे

तोर मया मोर नस नस मा
बन लहू सरिख तन समागे
कइसे भुलाए मोर पिरोही
थोरको मया दया नी लागे
हिरदे बइठारें रानी बरोबर
कुरिया पीरीत सजाइके
दीया बारेंव तोर नांव के
दूपल भर मा वहू बुझागे
बने रही तोर बर मया सदा
नइ मैं तोला भुलाए सकव
जिहा जाबे तिहा खुस रहा
दुख के बांटा मयहर रखंव
तोर खुसी ले हे मोर खुसी
जिंहा भी ते जा आबाद रहा
वफा तो मोरसन करे नही
बेवफाई मेंहर नी करे सकंव
‪#‎आचार्य_तोषण‬

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