मेरा संवरना बालम बिन अधुरी है
तमन्ना दिल की तुझसे ही पूरी है।
नजर ना आए तू मुझको साजन
फिकी लगे हर मौसम सिन्दूरी है।
न जाना कभी मुझसे बिछड़कर
इल्तिजा बस यही तुझसे मेरी है
महकाते रहना यूं बनकर खुशबू
गुल भी तेरी गुलज़ार भी तेरी है
कह ना पाए कभी दो लब्जों में
दास्तां-ए-इश्क ये तेरी मेरी है
लिख नाम अपनी जान ऐ'तोषण'
कलम गर तेरा तो दवात मेरी है
तमन्ना दिल की तुझसे ही पूरी है।
नजर ना आए तू मुझको साजन
फिकी लगे हर मौसम सिन्दूरी है।
न जाना कभी मुझसे बिछड़कर
इल्तिजा बस यही तुझसे मेरी है
महकाते रहना यूं बनकर खुशबू
गुल भी तेरी गुलज़ार भी तेरी है
कह ना पाए कभी दो लब्जों में
दास्तां-ए-इश्क ये तेरी मेरी है
लिख नाम अपनी जान ऐ'तोषण'
कलम गर तेरा तो दवात मेरी है
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