शनिवार, 25 जून 2016

काम अइसन करले

चोरई म कभू कखरो,पेट नइ तो भरय गा।
सरस्वती लछमी दुरगा के,संग नइ परय गा।।
दूसर के जीनिस चोराबे,मान कहां ले पाबे।
करनी झन कर अइसे, पाछू फेर पछताबे।।
चोरहा के जिनगी ल,सबझन ह दुतकारथे।
बने करम करइय्या ल,सबझन ह पुचकारथे।।
खाबे पान दूसर मुंह ,खुद के मुह कहां रंगही।
रूख ले जर ला कांटबे ,कतेकरा फेर जंमही।।
काम अइसन करले,नाम होवय "तोषण" तोर।
न धनगांव न लोहारा म,संसार म होवय शोर।।
॥आचार्य तोषण॥
॥धनगांव डौंडीलोहारा॥

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