बुधवार, 3 मई 2017

हरदी के रंग

दुलहिन के  अंग-अंग रंगत हे कांचा हरदी के रंग
भंवरा के जाही पिया घर छोंड़ सब सखी के संग
सपना...सजावत आँखी म पुलकावत हे तन-मन
दाई ददा ल...छोंड़े के दुख पिया मिलन के उमंग

तोषण कुमार चुरेन्द्र

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