महिमा इंटरनेट के,बिन एकर का होत।
का छोटे अउ का बड़े,बोझा सबके ढोत।।
ढमाया इंटरनेट के,सबला नाच नचाय।
दुनिया सब मोहाय हे,कोनों बच नइ पाय।।
राम जपय शिवनाम को,शंकर हा श्री राम। राम नाम सब मन जपव,बनही बिगड़े काम। बनही बिगड़े काम,राम शिव संगी मितवा। करथे बेड़ा पार,बने जी सब...
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