शुक्रवार, 19 मई 2017

नवा जमाना

*नवा जमाना*

कुकरा के जगा आज देखले
चरबज्जी अलारम बाजथे
सील बाहरी अब घलो नंदागे
प्लास्टिक बाहरीम बुहारथे
पींवरी सुही मा घर चमके जी
आगे चिक्कन पंढ़री चुना देख
भाजी पहिली डबका खावन
जेला तेल संन भुंजथे बघारथे

तोषण कुमार चुरेन्द्र

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