सोमवार, 29 मई 2017

किसान


करजा करके खेत बर, लाने खातु किसान।

जेन जमा नँइ कर सके,फंदा  गला बिहान।।

सेवा करइया तै हरस,भुंँइया के भगवान।

भरथस सबके पेट ला,हावस तही किसान।

पानी बादर देख के,खेती करय किसान ।

आँकर सेवर जोत के, बोंथे वोहा धान।।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

राम नाम

राम जपय शिवनाम को,शंकर हा श्री राम। राम नाम सब मन जपव,बनही बिगड़े काम। बनही बिगड़े काम,राम शिव संगी मितवा। करथे बेड़ा पार,बने जी सब...