मंगलवार, 23 मई 2017

सीखा

धरती से उठकर चलना सीखा
तनहाई में  खुद  ढलना सीखा
आये  ना  कोई   साथी  अपने
बदहालों  में  भी पलना सीखा
तोषण कुमार चुरेन्द्र
९६१७५८९६६७

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